Mention the importance of chemistry

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प्रश्न 3- आधुनिक विश्व में रसायन ने क्या महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा की है ? विवेचना कीजिए।
अथवा
रसायन विज्ञान के महत्त्व का उल्लेख कीजिए।


रसायन विज्ञान का महत्त्व

वर्तमान वैज्ञानिक युग में विज्ञान ने मानव-जीवन को सरल, सुखमय, समृद्ध तथा सुविधायुक्त बनाने के लिए जो सामग्री प्रदान की है, उसमें रसायन विज्ञान का सर्वाधिक योगदान है। जीवन के हर क्षेत्र में हमें किसी-न-किसी रूप में रासायनिक वस्तुओं का ही सहारा लेना पड़ता है । आज मनुष्य बिना रसायन का सहारा लिए, अपनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। हमारे दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान के निम्नलिखित प्रमुख उपयोग तथा महत्त्व हैं

1- खाद्य पदार्थ – निरन्तर बढ़ती हुई जनसंख्या को उचित मात्रा में खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में रसायन विज्ञान की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। मानव की सर्वप्रथम आवश्यकता भोजन है। विभिन्न प्रकार के पौष्टिक और स्वादिष्ट पदार्थ; जैसे-अचार, चटनी, शराब, जेली, जैम, चीनी, वनस्पति घी, चॉकलेट, बिस्कुट,कस्टर्ड पाउडर, चाय, कॉफी आदि रसायन विज्ञान की ही देन हैं। फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृत्रिम उर्वरकों; जैसे-यूरिया, सुपरफॉस्फेट ऑफ लाइम, अमोनियम सल्फेट, पोटैशियम नाइट्रेट आदि का उपयोग किया जाता है । ये सब रसायन विज्ञान की ही देन हैं । डी. डी. टी. ,बेन्जीन हेक्सा क्लोराइड (बी. एच. सी.) आदि रासायनिक पदार्थ पौधों को कीटाणुओं तथा रोगों से बचाते हैं। नगरों में प्रदूषित जल को पीने योग्य बनाने के लिए रासायनिक यौगिकों का प्रयोग किया जाता है।

2- स्वास्थ्य रक्षा – शरीर को स्वस्थ एवं नीरोग बनाए रखने के लिए रसायन विज्ञान ने अनेक प्रभावशाली औषधियाँ प्रदान की हैं। उदाहरणार्थ
(i) प्रतिजैविक-पेनिसिलिन,स्ट्रेप्टोमाइसिन,ओरोमाइसिन,क्लोरोमाइसीटिन आदि ।
(ii) ऐल्केलॉयड-कुनैन,कोफोन,ऐट्रोपीन आदि।
(iii) सल्फा ड्रग्स-सल्फाडाइजीन,सल्फापिरीडीन,सल्फाथायोजोल आदि ।
(iv) जर्मनाशी. क्लोरोबेन्जीन, डेटॉल, डी. डी. टी. आदि जर्मनाशी पदार्थों के प्रयोग से संक्रामक रोगों को फैलने से रोका जा सकता है।
(v) निश्चेतक-क्लोरोफॉर्म,कोकेन,प्रोकेन,एथिलीन, ईथर आदि ।
(vi) प्रतिरोधी-पैराजोन,टोमेस्टॉस,ब्रोबाट आदि ।

3- वस्त्र – रसायन विज्ञान की सहायता से अनेक प्रकार के कृत्रिम वस्त्रों का निर्माण किया जाता है; जैसे-रेयॉन, नायलॉन,टेरीलीन,डेक्रॉन, ऑीन आदि ।

4- भवन निर्माण – भवन निर्माण के लिए उपयोगी वस्तुएँ; सीमेण्ट, चूना, लोहा, ऐस्बेस्टॉस, वाटर प्रूफ तथा फायर-प्रूफ आदि पदार्थ भी रसायन की ही देन हैं।

5- प्लास्टिक तथा काँच – आजकल अनेक उपयोगी वस्तुओं का निर्माण प्लास्टिक तथा काँच से होने लगा है प्लास्टिक और काँच रसायन विज्ञान की महत्त्वपूर्ण देन हैं। गिलास,बाल्टी, डिब्बे,शीशी,नल की टोंटी,थैला, बरसाती एवं टेबुल क्लॉथ के रूप में अब प्लास्टिक का प्रयोग होने लगा है।

6- सौन्दर्य प्रसाधन – सौन्दर्य प्रसाधन के रूप में काम आने वाले सुगन्धित तेल,क्रीम, स्नो पाउडर,विभिन्न प्रकार के साबुन, लिपिस्टिक, सिंदूर,काजल,सुरमा,खिज़ाब आदि पदार्थ रसायन विज्ञान की ही देन हैं

7- ईंधन – पेट्रोल, पावर ऐल्कोहॉल, ईंधन गैसें (कोल गैस, प्रोड्यूसर गैस, तेल गैस आदि), डीजल, तेल आदि विभिन्न प्रकार के वाहनों (मोटर गाड़ी,वायुयान,रेलगाड़ी आदि) के चलाने में ईंधन के रूप में प्रयोग किए जाते हैं ।

8- धातुएँ तथा मिश्र-धातुएँ – सोना, चाँदी,लोहा, ताँबा,ऐलुमिनियम आदि धातुएँ मानव के लिए अत्यन्त उपयोगी हैं । वर्तमान समय में चालीस धातुओं से लगभग पाँच हजार मिश्र-धातुएँ (alloys) बनाई जा चुकी हैं। इनमें से स्टील, पीतल,काँसा,जर्मन सिल्वर, हिण्डेलियम जैसी लगभग सौ मिश्र-धातुएँ हमारे नित्यप्रति के कार्यों में प्रयुक्त होती हैं ।

9- रंग, वार्निश तथा रंजक – विभिन्न वस्तुओं को रँगने के लिए रंग तथा लकड़ी आदि को चमकाने के लिए वार्निश,कपड़ों को रँगने के लिए रंजक आदि रसायन विज्ञान की देन हैं ।

10- पढ़ने – लिखने की सामग्री – कागज,पेन,पेन्सिल,स्याही आदि सभी पदार्थ रसायन की ही देन हैं।

11- रद्दी पदार्थों का सदुपयोग – विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा रद्दी पदार्थों से मूल्यवान व उपयोगी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। कोल गैस के कारखानों से निकलने वाले दुर्गन्धयुक्त तारकोल से विभिन्न रंजक, सुगन्धित तरल, औषधियाँ आदि पदार्थ बनाए जाते हैं। कपड़ा मिलों से प्राप्त गूदड़ों से कीमती सिल्क, जूट के गूदड़ तथा बिनौले के तेल से उपयोगी बैकेलाइट तैयार किया जाता है।

12- सुरक्षा या युद्ध – रसायन विज्ञान के ज्ञान ने एक ओर जहाँ मानव को सुखी और सम्पन्न किया है, वहीं दूसरी ओर उसके विनाश के साधन भी जुटाए हैं। सुरक्षा के लिए युद्ध में काम आने वाले पदार्थ भी रसायन की ही देन हैं। जैसे विषैली गैसें, टी. एन. टी. के समान विस्फोटक परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, कोबाल्ट बम, न्यूट्रॉन बम, डाइनामाइट आदि।

द्वितीय विश्वयुद्ध (1939-45) में हिरोशिमा तथा नागासाकी पर डाले गए परमाणु बम (जिससे लगभग एक लाख बीस हजार व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी) की तुलना में आज के बम कई हजार गुना विनाशकारी हैं । रसायन विज्ञान के इन विनाशकारी अन्वेषणों का कल्याणकारी प्रयोग भी है । हमारा देश भारत नाभिकीय ऊर्जा की शक्ति को शान्तिपूर्ण कार्यों में प्रयुक्त करने की दिशा में प्रयत्नशील है । भारतीय वैज्ञानिक डॉ. होमी जहाँगीर भाभा ने इस दिशा में काफी सफलता प्राप्त की थी।

13- औद्योगिक उन्नति – हमारे देश में कागज, कपड़ा, चीनी, रासायनिक पदार्थ, वनस्पति घी बनाने, पेट्रोलियम शोधन तथा चमड़ा रँगने आदि के कारखाने रसायन तकनीकी पर चल रहे हैं।

14- अन्तरिक्ष अभियान – इसके अन्तर्गत अन्तरिक्षयान बनाने के लिए आवश्यक सामग्री, उसके चलाने के लिए ईंधन, अन्तरिक्ष यात्रियों के वस्त्र, भोजन तथा औषधि आदि पदार्थों को विभिन्न रसायनों की सहायता से तैयार किया जाता है।

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